विशेषण की परिभाषा (प्रकार और उदाहरण)

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विशेषण की परिभाषा (Visheshan Kise Kahte Hain): हिंदी व्याकरण एक नहीं हजारों खूबियां लिए हुए हैं, व्याकरण समझने के सैकड़ों तरीके हो सकते हैं। हमारी आम जिंदगी के इर्द-गिर्द व्याकरण मौजूद है, हम नियमित बोलचाल में व्याकरण का उपयोग करते हैं अथवा यह भी सत्य है कि किसी भी भाषा की व्याकरण के बिना कोई भी बात को कहना या समझना असंभव है। कोई भी भाषा को पूर्ण करने के लिए उस भाषा की व्याकरण का होना अति आवश्यक है।

हमारे विभिन्न प्रकार के आर्टिकल में आपने विभिन्न प्रकार की व्याकरण को समझा होगा, उसी कड़ी में हम आगे बढ़ते हुए आज विशेषण पर चर्चा करेंगे। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की हिंदी व्याकरण में विशेषण की परिभाषा, Visheshan Kise Kahte Hain, विशेषण की क्या अहमियत है? विशेषण की परिभाषा क्या है? विशेषण कितने प्रकार की होती है? इन सब को हम उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक समझेंगे।

विशेषण की परिभाषा (Visheshan Kise Kahte Hain)

Visheshan Kise Kahte Hain: “हिंदी भाषा में संज्ञा शब्द और सर्वनाम शब्दों की विशेषताएं बताने वाले शब्दों को हम विशेषण कहते हैं।”

समझने के दृष्टिकोण से हम विशेषण की चार या पांच परिभाषाएं प्रदर्शित कर सकते हैं परंतु उन सभी परिभाषाएं को घुमा फिरा कर देखा जाए तो उन सभी का सीधा संबंध ऊपर दी गई इसी परिभाषा से हैं।

Visheshan Kise Kahte Hain: विशेषण हमें संज्ञा शब्दों और सर्वनाम शब्दों की विशेषताएं बताते हैं तो हमने आपको इस संज्ञा शब्दों के बारे में बताया ही होगा जो पिछले आर्टिकल में दी गई जानकारी में उपलब्ध है संक्षिप्त में बताएं तो विशेषण हमें किसी नाम जाति व्यक्ति वस्तु विशेष की विशेषता बताने का कार्य करता है हमें विशेषण के जरिए जानने को मिलता है कि संज्ञा शब्दों का संबंध किससे हो रहा है या यूं कहें कि हमें किस विषय पर बात करनी है या किस संबंध में हमें जानकारी हासिल करनी है इन सब को जानने समझने के लिए विशेषण का होना बहुत जरूरी है।

विशेषण के प्रकार

विशेषण किसे कहते है? (Visheshan Kise Kahte Hain) बारे में जानकारी दने के बाद अब हम आपको चलिए आगे की जानकारी में हम विशेषण के प्रकारों के बारे में जानते हैं, जिन्हें हिंदी भाषा के अनुसार 6 भागों में बांटा गया है जो निम्नलिखित हैं।

विशेषण के प्रकार कुछ इस प्रकार हैं:-

  1. गुण वाचक विशेषण
  2. संख्या वाचक विशेषण
  3. परिणाम वाचक विशेषण
  4. संकेत वाचक विशेषण
  5. व्यक्ति वाचक विशेषण
  6. संबंध वाचक विशेषण

गुण वाचक विशेषण

जो विशेषण शब्द संज्ञा या सर्वनाम के रंग, रूप, दोष, गुण, स्वाद, जगह, स्थिति या उसकी हालत से अवगत करवाते हैं, उन्हें हम गुणवाचक विशेषण के नाम से जानते हैं।

उदाहरण के लिए

  • यह एक लाल रंग का कुर्ता है, इस पंक्ति में हमें रंग ज्ञात होता है।
  • हिरण बहुत ही सुंदर है, इस पंक्ति में हमें रूप का ज्ञान होता है।
  • यह हार टूटा हुआ है, इस पंक्ति में हमें दोष का ज्ञान होता है।
  • मेरा कुत्ता बहुत ही वफादार है, इस पंक्ति में हमें गुण का ज्ञान होता है।
  • यह एक पता हुआ बहुत ही मीठा आम है, यह पंक्ति हमें स्वाद से अवगत करवाती है।
  • श्रीनगर कश्मीर में स्थित है, इस पंक्ति द्वारा हमें जगह का ज्ञान होता है।
  • मेरे घर के अंदर का रंग रोगन हो चुका है परंतु बाहर से अभी तक नहीं हुआ है, इस पंक्ति द्वारा हमें स्थिति का ज्ञान होता है।

संख्यावाचक विशेषण

जो शब्द संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों की संख्याओं को दर्शाते हैं यह में जिन शब्दों द्वारा संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का ज्ञान होता है उन शब्दों को हम संख्यावाचक विशेषण के रूप में जानते हैं।

संख्यावाचक विशेषण दो प्रकार के होते हैं

1. निश्चित संख्या वाचक विशेषण

इस विशेषण के अंतर्गत संख्या निश्चित होती है अथवा उनका होना उतना ही होता है ना बढ़ता है ना घटता है।
जैसे-

  • परीक्षा में मेरे 80 नंबर आए।
  • हम चार लोग शाम को घूमने जाएंगे।
  • मेरे पास एक ही साइकिल है।

2. अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण

अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण वाक्य के अंतर्गत आने वाली संख्या निश्चित होती है जिनका पूर्ण ज्ञान नहीं होता है।
निश्चित संख्यावाचक विशेषण के भी छह प्रकार हैं। जो निम्नलिखित हैं-

  • गणना वाचक विशेषण
  • क्रम वाचक विशेषण
  • आवर्ती वाचक विशेषण
  • संग्रह वाचक विशेषण
  • समुदाय वाचक विशेषण
  • विप्सा वाचक विशेषण

जैसे:-

  • 20-25 लोग दुकान में घुसे हुए थे।
  • मेरे पास शायद ₹15000 हैं।
  • पवन के पास पता नहीं कितने बैल हैं।

उदाहरण के लिए

  • हमारे विद्यालय में 2000 छात्र छात्राएं पढ़ते हैं।
  • मेरे पड़ोसी के अस्तबल में 10 घोड़े और 5 गायें मौजूद है।
  • एक बस में 40 लोग सफर कर सकते हैं।
  • मेरे पास एक पालतू कुत्ता और दो बिल्लियां है।
  • यह जूते मैं 1100 रुपए देकर लाया हूं।
  • एक दर्जन में 12 संख्याएं होती है।

परिणाम वाचक विशेषण

ऐसे विशेषण शब्द जिनके द्वारा किसी वस्तु के नापतोल संबंधित ज्ञान होता हो वह शब्द परिणाम वाचक विशेषण के अंतर्गत आते हैं।

उदाहरण के लिए

  • मैं दुकान से 4 किलो बादाम और 2 किलो काजू लेकर आया हूं।
  • मेरी मोटरसाइकिल में 10 लीटर पेट्रोल आ सकता है।
  • सुरेंद्र ने 4 मीटर कपड़े में शादी का सूट सिलवाया है।
  • चाय बनाने के लिए थोड़ी शक्कर देना बहन।

परिणाम वाचक विशेषण भी दो प्रकार के होते हैं, जिसमें पहला निश्चित परिणाम वाचक विशेषण होता है तथा दूसरा अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण होता है।

निश्चित परिणाम वाचक विशेषण में विशेषण की संख्या अथवा रूपरेखा तय होती है।
अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण मैं संख्याओं का होना अनिश्चित होता है।

संकेत वाचक विशेषण

ऐसे विशेषण शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की ओर इशारा करते हैं या उन्हें दर्शाते हैं। ऐसे शब्दों को संकेत वाचक विशेषण कहा जाता है।
जैसे:-

  • वह गाड़ी राजीव की है।
  • उस लड़के का नाम सौरव है।
  • वह किताब लेकर आओ।
  • उस पेड़ पर आम लगे हैं।

व्यक्ति वाचक विशेषण

व्यक्तिवाचक संज्ञा से होने वाले विशेषण शब्दों की रचना को व्यक्तिवाचक विशेषण के रूप में जाना जाता है।
जैसे:-

  • कोल्हापुर से कोल्हापुरी: कोल्हापुरी बिरियानी बहुत स्वादिष्ट होती है।
  • जोधपुर से जोधपुरी: मुझे जोधपुरी कोट पहनना बहुत पसंद है।
  • लखनऊ से लखनवी: कभी लखनवी पान खाकर देखना बहुत स्वादिष्ट लगेगा।
  • कश्मीर से कश्मीरी: खाने में कश्मीरी लाल मिर्च डाल कर तो देखो खाने की रंगत सुधर जाएगी।

संबंध वाचक विशेषण

ऐसे विशेषण शब्द जो किसी वस्तु की विशेषताएं किसी अन्य वस्तु की विशेषताओं के बारे में बताती हैं। ऐसे विशेषण शब्द संबंध वाचक विशेषण के रूप से जाने जाते हैं। जैसे:-

बांग्लादेशी, अजमेरी, लड़ाकू विमान, वैज्ञानिक, तीरंदाजी आदि।

FAQ’s

विशेषण की परिभाषा (Visheshan Kise Kahte Hain) क्या है?

हिंदी भाषा में संज्ञा शब्द और सर्वनाम शब्दों की विशेषताएं बताने वाले शब्दों को हम विशेषण कहते हैं।

विशेषण कितने प्रकार के होते है?

हिंदी व्याकरण में विशेषण को 6 भागो गुण वाचक विशेषण, संख्या वाचक विशेषण, परिणाम वाचक विशेषण, संकेत वाचक विशेषण, व्यक्ति वाचक विशेषण, संबंध वाचक विशेषण में बाटा गया है।

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निष्कर्ष

ऊपर दिए गए आर्टिकल के द्वारा हमने विशेषण की परिभाषा (Visheshan Kise Kahte Hain) के बारे में जाना विशेषण के प्रकारों के बारे में समझा। आशा करते हैं हमारा यह आर्टिकल आपको बहुत ही पसंद आया होगा और आर्टिकल संबंधित कोई त्रुटि हो तो हमारे कमेंट सेक्शन में कमेंट करके हमें बता सकते हैं अथवा इस आर्टिकल के विषय के बारे में आप भी कुछ जानते हैं तो हमें बता सकते हैं अथवा हमारे लिए आर्टिकल लिखने के लिए हमारे वेबसाइट पर संपर्क करें।

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