बादल पर निबंध | Clouds Essay in Hindi

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Clouds Essay in Hindi: आकाश में बादल कैसे बनते हैं और बादल के बारे में और क्या महत्वपूर्ण जानकारी है। जिसके बारे में आज हम इस आर्टिकल में बताने वाले हैं। आज का यह आर्टिकल जिसमें हम बादल पर निबंध(Clouds Essay in Hindi) के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पेश करने वाले हैं।

बादल पर निबंध | Clouds Essay in Hindi

बादल पर निबंध (250 शब्द)

बादल पानी की छोटी-छोटी बूंदो और बर्फ के छोटे-छोटे कणो से मिलकर बनता है। नदी, तालाबों, झरनो और महासागरो के पानी धूप मे वाष्प बनकर वायु मे जाकर जल और बर्फ की बूंदे एक जगह इकठा हो जाती है, उनको ही बादल कहा जाता है। कभी -कभी बादल बहुत जोर से गरजने लगते है, बादल के गरजने से काफ़ी लोग डर जाते है। बादल के गरजने के कारण कई जगहों पर गाज गिरने का खतरा बना रहता है, और गाज ज्यादातर वही जगहों पर गिरती है। जहाँ पर पेड़ -पौधे अधिक होते है।

जून के महीने मे सभी लोग इंतज़ार करते रहते है, कि कब बारिश होंगी,लेकिन अधिक मात्रा मे वर्षा हो गई तो किसानो को काफ़ी नुकसान भी हो जाता है। क्योंकि खेत मे बीज बोए रहते है, तो अधिक वर्षा के कारण सड़ कर नष्ट हो जाता है। अधिक बादलो के बरसने के कारण सड़को मे पानी भर जाता है, और खाली मैदानो मे जगह-जगह का पानी आकर एकत्रित हो जाता है। ज्यादा बारिश होने से कई जगहों मे बाढ़ आने की संभावना भी होती है। बाढ़ आने से घर, अनाज, पशु -पक्षी और बिजली के खम्बे, आदि सब कुछ बहाव मे बह जाते है।

बादलो के चलने की रफ़्तार तेज होती है, बादलो को एक स्थान-दूसरे स्थान तक जाने मे ज्यादा वक़्त नहीं लगता है। उनको एक जगह से दूसरे जगह तक ले जाने मे हवा की दिशा और बहाव बहुत अधिक मददगार होते है। ऐसा बिल्कुल नहीं होता है। कि बादल सिर्फ पृथ्वी पर ही हो,ये अन्य ग्रहो मे भी देखने को मिलते है। शुक्र गृह मे जो बादल पाये जाते है। वह बादल सल्फर डाईआक्साइड के बने होते है।

बादल पर निबंध (800 word)


बादल क्या हैं

बादल सूक्ष्म पानी की बूंदों और बर्फ के महीन सूक्ष्म कणों से मिलकर बनता हैं। जो कि हवा में तैरता हैं। यह लाखों कणों से मिलकर बना होता हैं। यह लाखों कण जल की वो बूंदे हैं। जो समुंद्र ,नदियों, महासागरों व झीलो आदि के पानी के भाप बनने से बनी हैं। बादल आने वाले मौसम के बारे में सही और सटीक भविष्यवाणी करने में सहायता करते हैं।

बादल मौसम की भविष्यवाणी करने में सहायक

तूफानों से पहले कुछ विशेष प्रकार के तूफान दिखाई देते हैं। जिसके कारण मौसम विभाग आने वाले तूफान का पता लगा पाते हैं। तूफान के बाद अलग से भूरे रंग के होते हैं। क्योंकि ये इतने गहरे होते हैं, कि सूर्य की किरणें उन्हें पार नहीं कर पाती। बदल पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायता करते हैं। बादल विभिन्न रंगो के होते हैं जैसे लाल, भूरे,सफेद आदि।

बादलों पर सूरज का प्रभाव

बादल के रंग सूरज की किरणों से प्रभावित होते हैं। बादल पर सूरज की सीधी किरणें पड़ने पर उनका रंग सफेद हो जाता हैं। सुबह व शाम को लाल रंग के बादल अधिक दिखाई देते हैं। यह बारिश कराने में सहायक हैं ।बादल का एक और रूप हैं। कोहरा जो कि सर्दियों में अधिकतर में दिखाई देता हैं। यह भी पानी और हीमकणों से मिलकर बनता हैं। कोहरे के कारण सब कुछ धुंधला दिखाई देता हैं।

बादल की आकृति या आकार

बादल आकार में बहुत ज्यादा विशाल होते हैं। छोटे से छोटा दिखने वाला बादल भी कई पहाड़ों से बड़ा और 500 टन से ज्यादा भारी होता हैं। बादल एक से डेढ़ किलोमीटर तब चौड़े हो सकते हैं। इनका वजन 500 किलो तक हो सकता हैं। बादलों की रफ्तार बहुत ज्यादा तेज होती हैं। यह एक जगह से दूसरी जगह जाने में बहुत कम समय लगाता हैं।बादलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में हवा का बहुत ही ज्यादा सहयोग होता हैं।बादल केवल पृथ्वी ग्रह पर नहीं बल्कि अन्य कई ग्रह पर भी मिलते हैं। ग्रह पर ये पानी के नहीं बने होते हैं। शुक्र ग्रह पर मिलने वाले बादल सल्फर ऑक्साइड से बने होते हैं।

बादल के प्रकार

बादल कई प्रकार के होते हैं
1.सिरस बादल -इस प्रकार के बादल आसमान में बहुत ही ज्यादा ऊचाई पर होते हैं और बर्फ के क्रिस्टल से बड़े होते हैं।
2.कयुमलेस बादल- यह बादल आसमान में काफी कम ऊंचाई पर होते हैं।

3.इसटरेटस बादल- बादल आसमान में काफी नीचे होते हैं।
4.निमबो इसटरेटस – यह बादल वर्षा के बादल होते हैं जो भूरे व काले रंग के होते हैं।

बादल और बरसात का संबंध

बादल बरसात के पानी को महासागरो से धरती के विभिन्न भागो तक ले जाते हैं। जहा मन चाहा मन चाहा वहा बरसते हैं।बादल दिखने मे छोटे लगते हैं। परंतु उनका आकार एक पहाड़ से भी बड़ा होता हैं। बारिश के बादलो को काली घटाएं भी कहा जाता हैं। यह बादल बहुत ही ज्यादा गहरे होते हैं। उन्हें सूरज की किरणे पार नहीं कर पाती हैं। बरसात के बादल काले भूरे रंग क्यों होते हैं।

बादल पर कहावत

जो बादल गरजते हैं। वह कभी बरसते नहीं।

बादल का महत्व

बादलों को बहुत सी जगह पर शुभ माना जाता हैं। बादल किसानो के लिए खुशी का संकेत होते है। क्योंकी ये बारिश कराने मे सहायक होते हैं। मैं तुमसे बहुत ज्यादा भारी हो जाते हैं। तो बारिश करते हैं। बादल आसमान को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाते है। उसमें चार चांद लगाते हैं। बादल मौसम को वाताअनुकूलित बनाने में सहायक हैं।

बादल कैसे बनते हैं

बादल का निर्माण धरती पर उपस्थित जल की बाप बनने से होता है। सूर्य का प्रकाश जब धरातल पर उपस्थित समुद्री जल पर पड़ता है। तब सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में समुद्री जल वाष्प बनकर हवा में उड़ता है। यह समुद्री जल वाक्य रूप में हवा में संगठित होता है और बादल का निर्माण करता है। जब एक बादल दूसरे बादल से टकराते हैं। तो बारिश होती है। बादल बनने की यह प्रक्रिया जिसमें सूर्य का मुख्य योगदान रहता है। क्योंकि सूर्य की उपस्थिति में ही बादल बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। बादल निर्माण के पश्चात आकाश में बादल हवा के साथ देते हैं और जब दो बादल आपस में टकराते हैं, तो बारिश शुरू होती है।

निष्कर्ष

Clouds Essay in Hindi: आसमान में जो बादल बने हुए होते हैं। तो मौसम बहुत ही सुनहरा होता है। क्योंकि बादलों के पीछे सूरज की धूप भी छूप जाती है। बादलों का निर्माण समुद्र के जल से होता है और इसीलिए अक्सर आपने देखा होगा कि जब बारिश के मौसम में मानसून आने की बात होती है। तो समुद्र की ओर से मानसून शुरू होता है और पूरे देश में बारिश होती है।

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अंतिम शब्द

आज के इस आर्टिकल में हमने बादल पर निबन्ध(Clouds Essay in Hindi) के बारे में जानकारी आप तक पहुंचाई है। बादल कैसे बनते हैं। बादल क्या होते हैं? इसके बारे में डिटेल में जानकारी हमने आज तक पहुंचाई है। हमें उम्मीद है, कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल है। तो वह हमें कमेंट के माध्यम से ही बता सकता है।

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